Spiritual Healing
होती है। यदि यह विद्युत प्रवाह समान रूप से मज़बूत रेशों में वितरित होती रहे, तो व्यक्ति का वक्षस्थल (छाती) सुदृढ़ रहता है। किन्तु यदि किसी कारणवश यह प्रवाह असंतुलित हो जाए, तो पसलियाँ कमज़ोर एवं शिथिल हो जाती हैं, जिससे व्यक्ति कुबड़ा हो जाता है। इस रोग में पवित्र क़ुरआन की निम्नलिखित आयत
का बार-बार जप (स्मरण) किया जाए और जब भी जल ग्रहण करें, उस पर इस आयत को फूँककर पिएँ।
रोहानी इलाज-आध्यात्मिक चिकित्सा-(Roohani ilaj)
ख्वाजा शम्सुद्दीन अजीमी
हज़ूर सरवर-ए-ब्रह्मांड
(P.B.U.H.) की सेवा में
संदेह और अनिश्चितता के तूफ़ान से उत्पन्न लगभग दो सौ
बीमारियों और समस्याओं को एकत्र कर इस पुस्तक में उनका समाधान प्रस्तुत किया जा
रहा है।
पुस्तक "रूहानी इलाज" में जितने भी
रोगों के उपचार और समस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए गए हैं, वे सभी मुझे सिलसिला ओवैसिया, कलंदरिया, अज़ीमिया से
स्थानांतरित हुए हैं, और इस फ़क़ीर ने इन समस्त आमलियात
की ज़कात अदा की है।
मैं ब्रह्मांड की सृष्टि के लिए इस रूहानी कृपा को
सामान्य करता हूँ और सैय्यदुना हज़ूर (P.U.H.B.) के माध्यम से प्रार्थना करता हूँ कि अल्लाह तआला मेरी
इस कोशिश को स्वीकार्यता प्रदान करें, अपने भक्तों को
स्वास्थ्य प्रदान करें, और उन्हें कठिनाइयों, संकटों और परेशानियों से सुरक्षित रखें।
आमीन, सुम्मा आमीन।