Topics

संबंध का विवरण "निस्बत का वर्णन"

निस्बत--ओवैसिया  

निस्बत--ओवैसिया का उद्भेदन सबसे पहले हज़रत ग़ौस--आज़म के मार्ग में हुआ। इसकी तुलना ऐसे जलस्रोत से की जा सकती है जो किसी पर्वत के भीतर या किसी मैदान में अचानक फूट पड़े और कुछ दूरी तक बहकर फिर भूमि में समा जाए और गुप्त रूप से भूमि के भीतर बहते-बहते किसी अन्य स्थान पर फव्वारे की भाँति प्रकट हो। इस तर्क या तुलना के अनुसार हज़रत ग़ौस--आज़म के बाद यह क्रम इसी प्रकार चलता रहा। लोग इसी संबंध को निस्बत--ओवैसिया कहते हैं। इस निस्बत का प्रभाव गुप्त रूप से या तो उच्च देवदूत के माध्यम से, अथवा नबियों की आत्माओं की ज्ञान-प्राप्ति से, या फिर अनिवार्य कर्तव्यों का निकटत्व प्राप्त प्राचीन संतों की आत्माओं के द्वारा होता है।

Topics


Loh o Qalam (Hindi)

Qalandar Baba Aulia Rahmatullah Alai